नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुक्रवार सुबह कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो गई। संघ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की भविष्य की कार्ययोजना, शाखा विस्तार, प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा और मौजूदा राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख और सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक, देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक और सह प्रचारक तथा संघ प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री शामिल हुए हैं। इस बात की जानकारी आरएसएस के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल के जरिए दी गई।

संघ के अनुसार, बैठक में मार्च 2026 के बाद आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की रिपोर्ट पर चर्चा होगी। साथ ही शाखा स्तर पर तैयार कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए शाखा विस्तार की समीक्षा और आने वाले समय में अधिक से अधिक शाखाओं के विस्तार की रणनीति भी तय की जाएगी।

बैठक में शताब्दी वर्ष के तहत अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक प्रस्तावित शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा होगी।

संघ के सूत्रों के अनुसार, बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों, जातिगत जनगणना जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक मुद्दों पर भी मंथन होगा। इन विषयों पर संगठन की भावी रणनीति और समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा, पूरे देश में आयोजित संघ शिक्षा वर्गों का विश्लेषण भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। वहीं, सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर से जुड़े विषय पर भी चर्चा हो सकती है, हालांकि इसे बैठक के आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है।

यह बैठक संघ के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें संगठन के आगामी कार्यक्रमों, विस्तार योजनाओं और देश के मौजूदा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर आगे की दिशा तय होंगी।