मैहर/अमरपाटन, नरेन्द्र पटेल। जिले के अमरपाटन तहसील अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कठहा में नाबालिग विद्यार्थियों को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से 'ए' सर्टिफिकेट प्राप्त फिल्म 'धुरंधर' दिखाए जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा ने विद्यालय के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।


जानकारी के मुताबिक विद्यालय की कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय में लगी एलईडी स्क्रीन पर विद्यार्थियों को 'धुरंधर' फिल्म दिखाई गई थी। बताया गया कि फिल्म को CBFC से 'ए' यानी एडल्ट ओनली सर्टिफिकेट प्राप्त है। ऐसे प्रमाणपत्र वाली फिल्म 18 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों के लिए नहीं होती।


मामला उस समय सामने आया जब 2 अगस्त को स्कूल में फिल्म दिखाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मामला कलेक्टर के संज्ञान में पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा के अनुसार फिल्म में हिंसा और मारपीट सहित ऐसा कंटेंट है, जो नाबालिग विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों को इस तरह की फिल्म दिखाए जाने को विभाग ने गंभीर माना है।


डीईओ ने विद्यालय के प्राचार्य से तीन दिन के भीतर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित प्राचार्य के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।