तेल अवीव/तेहरान, 6 अप्रैल । इजरायल ने सोमवार को ईरानी गैस फील्ड पर फिर से हमला किया। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है और ये ईरान-कतर के बीच फैली हुई है।

इजरायल ने हमले की पुष्टि की, जिसके बाद ईरान ने कहा कि प्लांट में लगी आग को बुझाकर नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।

फार्स मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के हमले का शिकार हुए एक पेट्रोकेमिकल प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि असलूयेह में साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल प्लांट से "कई धमाकों" की आवाजें सुनी गई थीं।

जारी संघर्ष के बीच इजरायल का ये दूसरा हमला है। इससे 20 दिन पहले 18 मार्च को भी इस गैस फील्ड को निशाना बनाया गया था।

हमले के बाद इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया कि आईडीएफ के हमले से ईरान का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल प्लांट बंद हो गया है।

वहीं, इजरायल के सैन्य प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल नादाव शोशानी ने भी कहा कि शांति वार्ता के बीच भी ईरान को "कोई छूट नहीं" मिलेगी।

शांति वार्ता के बीच हुए हमले पर फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से कोई बयान नहीं आया। हालांकि मार्च में साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के बाद, ट्रंप ने कहा था कि इजरायल इस पर दोबारा हमला नहीं करेगा, लेकिन चेतावनी दी थी कि अगर ईरान कतर के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और उस पूरे क्षेत्र को "पूरी तरह से उड़ा देगा।"

तेहरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की ट्रंप की डेडलाइन नजदीक है। मध्यस्थ अमेरिका और ईरान को एक नए सीजफायर प्रस्ताव पर राजी करने की कोशिश में लगे हैं।

तेहरान में रविवार रात से सोमवार तड़के तक बमबारी होती रही। स्टेट मीडिया के अनुसार घंटों तक जेट विमानों की आवाजें सुनाई दीं जो काफी नीचे उड़ रहे थे। एक हवाई हमले में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर को भी निशाना बनाया गया। वहीं शहर के आजादी चौक के पास आसमान में काला घना धुआं उठता भी देखा गया।

ईरानी सरकारी मीडिया ने ये भी बताया कि तेहरान पर हुए हमलों में अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के खुफिया प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खदेमी भी मारे गए।