ऐतिहासिक धरोहर ध्वस्त होगी या जीर्णोद्धार कराएगी नगरपालिका

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नौगांव (कमल यादव)। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित नौगांव नगर अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह नगर आजादी से पहले 36 रियासतों के राजाओं के बंगलों और 122 चौराहों से अपनी पहचान बनाए हुए था। इन पुरानी इमारतों और बंगलों में खुद नगर का इतिहास समाया हुआ है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अधिकारियों की उदासीनता के कारण ये धरोहरें धीरे-धीरे खस्ताहाल हो रही हैं और कई गायब भी हो चुकी हैं। यदि समय रहते इनका जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो नगर अपनी ऐतिहासिक पहचान खो सकता है।
अभी भी नगर में कुछ बंगले खड़े हैं जो ठीक से रखरखाव के अभाव में टिके हुए हैं। ऐसे ही एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बंगले पर अब सबकी नजरें टिकी हैं, जहां हाल ही में पुलिस चौकी स्थानांतरित हो गई है। नगर के बस स्टैंड पर नवीन पुलिस चौकी का उद्घाटन हो चुका है, जो पहले इसी पुराने बंगले में संचालित होती थी। चौकी के हटने के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यह बंगला ध्वस्त कर दिया जाएगा या नगरपालिका इसका संरक्षण कर जीर्णोद्धार कराएगी।
यह है इस बंगले का इतिहास
इस बंगले का इतिहास काफी पुराना है। नगर के इतिहासकार दिनेश सेन के अनुसार, सन् 1930 में अजैगढ़ की महारानी (दोवागेर) द्वारा यह इमारत बनवाई गई थी। इसके बाद सेंट्रल इंडिया लोक निर्माण विभाग के माध्यम से इसे स्वास्थ्य विभाग को जच्चा-बच्चा वार्ड के लिए सौंपा गया। आजादी के बाद यह इमारत राज्य लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित हुई। सन् 1930 से 1960 तक यहां जच्चा-बच्चा वार्ड संचालित रहा। 1960 से 1965 तक विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा यहां दूध वितरण किया जाता था। 1965 से 2005 तक टीबी अस्पताल के डॉक्टरों का निवास स्थान रहा। इसके बाद नगरपालिका ने टीबी अस्पताल प्रांगण में डॉक्टरों के लिए नई इमारत बनवाई और लोक निर्माण विभाग से यह बंगला नगरपालिका को स्थानांतरित कर दिया गया। तब से यहां थाना नौगांव द्वारा यातायात पुलिस चौकी संचालित हो रही थी। अब चौकी के नए स्थान पर शिफ्ट होने के बाद बंगले का भविष्य अनिश्चित हो गया है। सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका इस इमारत को जमींदोज करने की तैयारी में है।
इनका कहना है
इस बिल्डिंग का क्या करना है इस विषय में विधायक जी से बात कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी -----अनूप तिवारी अध्यक्ष नगरपालिका नौगाँव
