पत्नी ने रची प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश, पत्थर से कुचलकर ली जान
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सतना,अंबिका केशरी । सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र में सामने आए एक अंधे हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक युवक की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं की, बल्कि उसकी अपनी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश के तहत कराई थी। दोनों के बीच चल रहे अवैध प्रेम संबंध में पति सबसे बड़ी रुकावट बन गया था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
घटना 5 मार्च की है, जब जैतवारा थाना क्षेत्र में नदी के पुल के नीचे एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। मृतक की पहचान कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डबलू के रूप में हुई। उसके सिर पर किसी कठोर वस्तु से किए गए कई वार के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि बेरहमी से हत्या की गई है। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
जैतवारा थाना प्रभारी अभिषेक कुमार पाण्डेय और उनकी टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय पूछताछ के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद या प्रेम संबंध हो सकता है। जांच आगे बढ़ने पर एक चौंकाने वाली प्रेम कहानी सामने आई।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक कौशलेन्द्र सिंह की पत्नी कुसुम सिंह उर्फ रीना सिंह और संदीप पटेल (निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश) के बीच लंबे समय से अवैध संबंध चल रहे थे। दोनों अक्सर संपर्क में रहते थे और मुलाकातें करते थे। कुछ समय बाद इस संबंध की जानकारी पति कौशलेन्द्र को हो गई, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। पति ने इस संबंध का विरोध किया, जिससे दोनों प्रेमियों को लगा कि कौशलेन्द्र उनके रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा है।
इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रच ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी संदीप पटेल ने कौशलेन्द्र को सुनसान जगह पर बुलाया, पहले शराब पिलाई और फिर पत्थर से सिर पर लगातार वार कर उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को घसीटकर नदी के पुल के नीचे फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना या अज्ञात हत्या जैसा लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
हत्या के बाद संदीप ने कुसुम सिंह को सूचना दी कि उसने पति को मार दिया है और शव फेंक दिया है। जांच में सामने आया कि पत्नी कुसुम इस पूरी साजिश से पहले से वाकिफ थी और दोनों ने मिलकर योजना बनाई थी। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और सख्त पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पत्थर और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (यूपी 90 एई 2297) भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

