मुंबई। दिग्गज अभिनेत्री और वॉइस आर्टिस्ट आशा सिंह जायसवाल का निधन हो गया। उन्होंने मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी को अपनी आवाज देने के लिए विशेष पहचान बनाई थी।

उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर साझा करते हुए बताया कि आशा सिंह जायसवाल ने 22 अगस्त को अंतिम सांस ली।

उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "वह एक मेहनती आयरन लेडी थीं। कृपया उनकी आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना करें। सोशल मीडिया पर उनके काम को देखते रहें और याद रखें, ताकि जहां भी उनकी आत्मा हो, उसे यह जानकर खुशी मिले कि लोग आज भी उनके काम को देखते और याद करते हैं।"

उन्होंने आगे लिखा, "क्योंकि उनके जीवन में उनका कर्म ही सब कुछ था, मृत्यु के बाद उन्हें ब्रह्मानंद में मोक्ष प्रदान करे। मृत्यु का दुख नहीं, आनंद ब्रह्मानंद, यही उनका संदेश था।"

आशा सिंह जायसवाल ने फिल्म निर्माण की दुनिया में एक महत्वपूर्ण, लेकिन अक्सर अनदेखी भूमिका निभाई। डबिंग और वॉयस वर्क के जरिए उन्होंने कलाकारों को दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में योगदान दिया। उनका योगदान इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि मीना कुमारी अपनी सशक्त स्क्रीन उपस्थिति और प्रभावशाली अभिनय के लिए जानी जाती थीं, और ऐसे किरदारों को आवाज देने वाले कलाकार को भी भावनाओं, अभिव्यक्तियों और नाटकीयता को उसी प्रभाव के साथ प्रस्तुत करना होता था।

हालांकि, वॉइस आर्टिस्ट को अक्सर अभिनेताओं जैसी पहचान नहीं मिलती, लेकिन यादगार सिनेमाई अनुभव तैयार करने में उनकी भूमिका बेहद अहम होती है। मीना कुमारी के साथ आशा सिंह जायसवाल का जुड़ाव हिंदी सिनेमा के उस कम चर्चित लेकिन महत्वपूर्ण पक्ष को सामने लाता है, जहां पर्दे के पीछे काम करने वाले कलाकार अपनी आवाज के जरिए किरदारों में जान डालते हैं।

उनका योगदान इस बात की याद दिलाता है कि हर यादगार फिल्मी प्रस्तुति के पीछे कई ऐसे प्रतिभाशाली कलाकार होते हैं, जिनकी मेहनत दर्शकों तक सीधे दिखाई नहीं देती, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक कायम रहता है।