तुर्की ने सऊदी अरब–पाकिस्तान डिफेंस पैक्ट को लेकर दिया अहम बयान, मध्य-पूर्व में बदले समीकरण

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मध्य-पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच तुर्की ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के संभावित डिफेंस पैक्ट पर अहम टिप्पणी की है। तुर्की के रुख को क्षेत्र में उभरते नए रणनीतिक गठजोड़ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बीच इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सऊदी अरब की तुर्की और क़तर के साथ बढ़ती नज़दीकी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जो देश इसराइल से रिश्ते सामान्य करना चाहते हैं, उनसे शांति के ख़िलाफ़ गतिविधियों में शामिल न होने की अपेक्षा की जाती है।
गौरतलब है कि 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद ग़ज़ा युद्ध छिड़ने से सऊदी-इसराइल संबंधों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया ठहर गई। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह 1967 की सीमा के साथ स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र बनने के बाद ही इसराइल से संबंध स्थापित करेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के महीनों में सऊदी अरब, यूएई से दूरी और तुर्की से क़रीबी बढ़ा रहा है। वहीं यूएई-इसराइल के संबंध सामान्य हैं, जबकि इसराइल-तुर्की रिश्तों में तनाव बना हुआ है। ऐसे में सऊदी-पाकिस्तान डिफेंस सहयोग और उस पर तुर्की की प्रतिक्रिया, मध्य-पूर्व में नए शक्ति संतुलन की ओर इशारा करती है।
