मध्यप्रदेश की राजनीति में आज हो सकता है एक युग का अंत, दिग्विजय सिंह के एक कैप्शन से मची खलबली...!

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित और विवादित चेहरों में से एक, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अपने 'रिटायरमेंट' का पत्ता खोल सकते हैं। उन्होंने आज शाम 4 बजे भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 79 वर्षीय यह दिग्गज नेता आज सार्वजनिक जीवन से विदाई की घोषणा कर अपनी अगली पारी की शुरुआत कर सकता है।
तीन दिन पहले दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर कर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी थी। उन्होंने सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी की कहानी साझा की, जो बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद अपनी कार को ही घर बनाकर अब तक 55 हजार किलोमीटर का भारत भ्रमण कर चुके हैं। दिग्विजय ने इस वीडियो के साथ लिखा— "मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…"। यह कैप्शन साफ इशारा कर रहा है कि 'राजा साहब' भी अब फाइलों और रैलियों की थकान छोड़कर देश की सड़कों को नापना चाहते हैं।
राज्यसभा जाने से 'ना': कांग्रेस के लिए बढ़ी चुनौती
दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहे हैं और दोबारा उच्च सदन नहीं जाएंगे। जून में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनके इस फैसले ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के भीतर खलबली मचा दी है, क्योंकि उनकी सीट पर अब दावेदारों का संघर्ष तेज हो गया है। 2014 से राज्यसभा सदस्य रहे दिग्विजय का संसदीय राजनीति से किनारा करना एक युग के अंत जैसा है।
वादों के पक्के: जब 10 साल तक चुनाव से दूर रहे
दिग्विजय सिंह अपनी 'हठ' और 'संकल्प' के लिए जाने जाते हैं। 1993 से 2003 तक लगातार 10 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद, जब 2003 में कांग्रेस को करारी हार मिली, तो उन्होंने संकल्प लिया था कि वे अगले 10 साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपना वादा निभाया और सीधे 2014 में राज्यसभा के जरिए वापसी की। अब एक बार फिर, जब वे 2026 में रिटायरमेंट की बात कर रहे हैं, तो लोग उनके इस कदम को गंभीरता से ले रहे हैं।
क्या होगी अगली भूमिका?
अगर आज शाम 4 बजे दिग्विजय सिंह संन्यास का ऐलान करते हैं, तो सवाल उठता है कि क्या वे पूरी तरह राजनीति छोड़ देंगे या सिर्फ चुनावी राजनीति से दूर होकर 'सिबानंद भंजा' की तरह किसी लंबी यात्रा पर निकल जाएंगे? दिग्विजय पहले भी 'नर्मदा परिक्रमा' जैसी कठिन पैदल यात्रा कर चुके हैं, ऐसे में उनका नया 'प्लान' क्या होगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।


