कटनी,सुमित पाण्डेय। बहोरीबंद विकासखण्ड के बाकल स्थित पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ बच्चों को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है, वहीं यहाँ के एक शिक्षक ने मासूम छात्रों से कुली जैसा काम करवाया। बोर्ड परीक्षा के भारी-भरकम बॉक्स बच्चों के सिर पर रखवाकर शिक्षक खुद पीछे-पीछे मोटरसाइकिल पर शान से चलते नजर आए। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है
वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है जानकारी के मुताबिक पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक सत्येन्द्र पटेल पुलिस थाना बाकल पहुंचे थे। उन्हें वहां से बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के बॉक्स लेने थे। हैरानी की बात यह है कि शिक्षक अपने साथ माध्यमिक शाला के कक्षा 6वीं के उन मासूम बच्चों को ले गए थे, जो खुद परीक्षा देने स्कूल आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चिलचिलाती धूप में इन बच्चों के सिर पर भारी बॉक्स रखवा दिए गए और उन्हें करीब 400 मीटर पैदल चलाया गया। इस दौरान शिक्षक सत्येन्द्र पटेल बच्चों की मदद करने के बजाय अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके पीछे-पीछे पहरा देते हुए चल रहे थे। राहगीरों ने जब यह दृश्य देखा तो वे दंग रह गए और कुछ लोगों ने इस पूरे मंजर को अपने मोबाइल के कमरे में कैद कर लिया
महिला शिक्षक ने उठाई आवाज, थाने के CCTV में कैद हुई घटना
इस अमानवीय कृत्य की शिकायत महिला शिक्षक कीर्ति राक्से ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) से की है। उन्होंने बताया कि जब वह दोपहर में घर जा रही थीं, तब उन्होंने बच्चों को इस हाल में देखा। टोकने पर भी शिक्षक ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह पूरी घटना पुलिस थाने के सीसीटीवी कैमरों में कैद है, जो जांच में अहम सबूत साबित होगी।
ग्रामीणों ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। लोगों का सवाल है कि जब स्कूल में दो-दो भृत्य तैनात हैं, तो प्राचार्य या संबंधित शिक्षक ने उन्हें साथ क्यों नहीं लिया यदि कर्मचारी नहीं थे, तो किसी श्रमिक की मदद ली जा सकती थी। मासूम बच्चों को इस तरह प्रताड़ित करना बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

