सागर,जीशान खान। सागर शहर में जब भी कोई मुश्किल हालात सामने आते हैं—चाहे सड़क दुर्घटना हो, आगजनी की घटना हो, लावारिस शव का अंतिम संस्कार हो या किसी जरूरतमंद की मदद—ऐसे समय में सबसे पहले जिस व्यक्ति का नाम सामने आता है, वह है पारितोष कटारे उर्फ ‘सिंटू कटारे’। वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाजसेवा कर रहे सिंटू कटारे को उनके इसी सेवा भाव के लिए जिला प्रशासन ने सम्मानित किया है। कलेक्टर संदीप जी.आर. ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की।
दरअसल यह सम्मान मूल रूप से गणतंत्र दिवस समारोह में दिया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें लगभग दो माह की देरी हो गई। प्रमाण पत्र उनके आधिकारिक नाम ‘पारितोष कटारे’ से तैयार किया गया था, जबकि शहर में वे ‘सिंटू’ के नाम से अधिक पहचाने जाते हैं। मंच से नाम पुकारे जाने पर पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी और सूचना उन तक समय पर नहीं पहुंच पाई। बाद में स्थिति स्पष्ट होने पर जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया।
सिंटू कटारे की पहचान शहर में ऐसे समाजसेवी के रूप में है, जो बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। श्मशान घाटों पर लावारिस दिवंगतों का अंतिम संस्कार कराना हो या सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना—वे हर परिस्थिति में सक्रिय रहते हैं। कई बार उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर भी लोगों की मदद की है।
कोरोना महामारी के दौरान भी सिंटू कटारे ने उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने प्रवासी मजदूरों की मदद की, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाया और संकट में फंसे लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई। उसी दौरान एक वृद्ध दंपती की बेटियों के विवाह की चिंता को समझते हुए उन्होंने समाजसेवी मित्रों के सहयोग से दोनों गरीब बेटियों का विवाह भी संपन्न कराया।
सिंटू कटारे पशु सेवा में भी सक्रिय हैं। बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गोवंश के उपचार की व्यवस्था करना और मृत पशुओं को ससम्मान दफनाना भी वे स्वयं करते हैं। सम्मानित करते हुए कलेक्टर ने उनके सेवा कार्यों की सराहना की और उन्हें सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने वाली ‘राहवीर योजना’ की जानकारी भी दी। सिंटू कटारे सागर में कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष भी हैं और संगठन के माध्यम से भी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस सम्मान का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवियों का सम्मान समाज में सेवा, संवेदना और मानवता की भावना को और मजबूत करता है।



