ऑनलाइन धोखाधड़ी के 1 करोड़ 28 लाख रुपये ट्रेस कर पीड़ितों को लौटाए

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इंदौर, रविकांत वर्मा। बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों के बीच इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले दो महीनों में साइबर ठगी से जुड़ी 2000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से कई मामलों में पुलिस ने पीड़ितों की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई। क्राइम ब्रांच की त्वरित और सतर्क कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुल 1 करोड़ 28 लाख रुपये से अधिक की राशि को ट्रेस किया गया, फ्रिज कराया गया और बाद में फरियादियों को लौटा दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश शिकायतें राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से दर्ज हुईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने तुरंत जांच शुरू की। टीम ने विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन तकनीकी जांच की, जिसके आधार पर ठगी की रकम को ट्रेस किया गया। संबंधित खातों को फ्रिज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि सुरक्षित रूप से पीड़ितों तक पहुंचाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से साइबर ठगी के मामलों में पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई मामलों में शिकायत मिलते ही बैंक और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर खातों को तुरंत ब्लॉक कराया गया, जिससे बड़ी राशि को बचाया जा सका।
क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन कॉल, लिंक या निवेश ऑफर से सतर्क रहें। अनजान व्यक्तियों के साथ बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड कभी साझा न करें। यदि ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
