टीकमगढ़,मोहसिन अहमद। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त सागर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वनरक्षक को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लकड़ी का काम करने वाले एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर की गई।


शिकायतकर्ता अरबाज खान, जो उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के बानपुर का निवासी है, ने बताया कि वह लकड़ी से तख्त, कुर्सी आदि बनाने का कार्य करता है और इसके लिए किसानों से लकड़ी खरीदकर बानपुर ले जाता है। आरोप है कि कुंडेश्वर बीट में पदस्थ वनरक्षक अरुण अहिरवार उससे लकड़ी ले जाने के एवज में प्रति वाहन 2 हजार रुपये की मांग करता था और पैसे न देने पर कार्रवाई की धमकी देता था।


अरबाज खान ने यह भी बताया कि पहले भी पैसे न देने पर वनरक्षक ने उसका लकड़ी से भरा वाहन जब्त कर लिया था और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा हर महीने 10 हजार रुपये की अवैध वसूली की भी मांग की जा रही थी। लगातार हो रही इस परेशानी से तंग आकर उसने लोकायुक्त पुलिस सागर से शिकायत की।


शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को जाल बिछाया और अंबेडकर चौराहे के पास वन विभाग के पुराने कार्यालय के नजदीक आरोपी वनरक्षक अरुण अहिरवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।