छतरपुर में शोधार्थी गौरव द्विवेदी को दर्शनशास्त्र में मिली पीएचडी की उपाधि

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छतरपुर | महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर (मध्य प्रदेश) के दर्शनशास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र से शोधार्थी गौरव द्विवेदी को दर्शनशास्त्र विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। यह उपाधि मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल द्वारा 23 जनवरी 2026 को प्रदान की गई।
श्री द्विवेदी ने कला संकाय के अंतर्गत अपना शोध-प्रबंध सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उनके शोध का शीर्षक The Concept of Prakriti and Purusha in the Philosophy of Mahamati Prannath रहा। इस शोध में महामति प्राणनाथ के दार्शनिक चिंतन में प्रकृति और पुरुष की अवधारणा का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारतीय दर्शन की परंपरागत धाराओं — वेद, उपनिषद, गीता तथा सांख्य दर्शन — के साथ इसके तात्त्विक संबंधों को स्पष्ट रूप से स्थापित किया गया है।
विश्वविद्यालय परिवार एवं दर्शनशास्त्र विभाग के प्राध्यापकों ने श्री द्विवेदी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गौरव द्विवेदी ने अपने गुरुजनों, परिवारजनों तथा सभी शुभचिंतकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि उनके मार्गदर्शन व सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती।
यह उपलब्धि न केवल उनके अकादमिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि विश्वविद्यालय एवं क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है।
