निजी सीमेंट कंपनी बनाम अन्नदाता: जमीन बचाने को एकजुट हुए किसान, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

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अमरपाटन.नरेंद्र । अमरपाटन तहसील के ग्राम बिगौड़ी में निजी सीमेंट कंपनी द्वारा प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने किसानों के साथ महापंचायत का आयोजन कर धरना-प्रदर्शन किया। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और प्रशासन पर कंपनी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
किसान नेताओं का कहना है कि डालमिया सीमेंट कंपनी द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर गांवों की जमीन का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसान काफी नाराज हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और आपत्तियों को प्रशासन द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
किसानों ने कहा कि वर्ष 2016 के भूमि अधिग्रहण नियमों के अनुसार उन्हें जो मुआवजा मिलना चाहिए, वह बहुत कम बताया जा रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि निर्धारित राशि से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाए तो वे जमीन देने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन वर्तमान में प्रशासन कंपनी की मनमानी का साथ दे रहा है।
महापंचायत में यह भी मांग उठाई गई कि यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो प्रभावित परिवारों के कम से कम एक सदस्य को सीमेंट फैक्ट्री में रोजगार दिया जाए। किसानों ने आरोप लगाया कि ग्राम बिगौड़ी सहित अन्य गांवों में कंपनी जमीन को लीज पर लेने की प्रक्रिया चला रही है, जिससे किसानों के पास खेती के लिए जमीन नहीं बचेगी और भविष्य में जमीन वापस मिलने की भी कोई गारंटी नहीं है।
दरअसल, अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की करीब 3600 एकड़ कृषि भूमि को निजी कंपनी डालमिया सीमेंट को 40 वर्ष की लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है। इसका सतना और मैहर जिले के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान लगातार विरोध कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने महापंचायत में घोषणा करते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो 10 मार्च को बड़ी संख्या में किसान सतना कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। इसके लिए क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील भी की गई।

