भोपाल,जीतेन्द्र यादव। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार के फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 27 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित विशेष विधानसभा सत्र को लेकर उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और व्यापक लागूकरण जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविक सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस पहल नजर नहीं आती।
उमंग सिंघार ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस का रुख हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रहा है और यदि केंद्र सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करती है, तो कांग्रेस उसका पूर्ण समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” के नाम पर विशेष सत्र बुलाना तभी सार्थक होगा, जब सरकार पूरे देश में महिलाओं को समान राजनीतिक भागीदारी देने का ठोस संकल्प दिखाए।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि यदि लोकसभा में 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करने के लिए विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो कांग्रेस पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ी होगी। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिला आरक्षण की आड़ में संविधान से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की कोशिश की गई, तो कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेगी।
सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कई गंभीर मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें बच्चों की मौत, दूषित पानी से लोगों की जान जाना, अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा में लापरवाही, ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी और आदिवासी समुदाय के संघर्ष जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन संवेदनशील मुद्दों पर सरकार कभी विशेष सत्र बुलाने की जरूरत क्यों नहीं समझती।
उन्होंने अंत में कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और सभी वर्गों—विशेषकर ओबीसी और आदिवासी महिलाओं—को समान अवसर और न्याय देने से संभव है।

