नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। एनडीए ने ममता बनर्जी के उस वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वह अपनी ही पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही हैं।यह घटना बुधवार को कोलकाता में बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में निकाले गए तृणमूल कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान हुई। यह मार्च कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद दक्षिण कोलकाता के बालीगंज आउटपोस्ट से हाजरा क्रॉसिंग तक निकाला गया था।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "अब ममता बनर्जी हिंसा चाहती हैं, जबकि भाजपा और सरकार चाहती है कि किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा न मिले। जो भी हिंसा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तृणमूल कांग्रेस को भी भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए।"
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "ममता बनर्जी अभी भी बदलने को तैयार नहीं हैं। जो लोग राजनीतिक दल को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं, उन्हें जनता अंत में नकार देती है। अगर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व अब भी इस तरह की हरकतों से बाज नहीं आता, तो भविष्य में पार्टी को और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।"
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "ममता बनर्जी की पार्टी में कभी कोई मजबूत संगठन नहीं था। यह सिर्फ एक भीड़ थी, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे। जब स्थिति को संभालने का समय था, तब उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब जो कुछ लोग बचे हैं, उन्हें ही थप्पड़ मार रही हैं।"
वहीं, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर कथित हमलों पर आईएएनएस से कहा, "चुनाव में हार के बाद नेताओं में निराशा होना सामान्य बात है, लेकिन इस तरह के दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। वे कहते हैं कि उन पर अंडे फेंके गए या उन्हें थप्पड़ मारा गया। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है, जिसके कारण लोग ममता बनर्जी और उनके समर्थकों का साथ छोड़ रहे हैं।"
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजनीति में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन अराजकता स्वीकार नहीं की जा सकती।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की थी। ऐसे में हर कार्रवाई की प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है।"
एनडीए नेताओं की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।




