नई दिल्ली। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राजकुमार चाहर ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत नवीनतम किस्त जारी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।चाहर ने भाजपा किसान मोर्चा और किसान समुदाय की ओर से सीधे आर्थिक सहायता और कृषि-केंद्रित सुधारों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की नवीनतम किस्त के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को उनके बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपए से अधिक का सीधा लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्त हुआ।

चाहर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों को आत्मनिर्भर, सक्षम और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहे हैं। पिछले 12 वर्षों में सरकार की नीतियां कृषि उत्पादकता बढ़ाने, इनपुट लागत कम करने और किसानों की क्रेडिट और बाजारों तक पहुंच में सुधार करने पर केंद्रित रही हैं। मोदी सरकार के तहत कृषि बजट में काफी वृद्धि हुई है, जो यूपीए के दौर में लगभग 27,000 करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

उन्होंने 22 करोड़ से अधिक किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) के वितरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फसल पोषण और उर्वरक के उपयोग के संबंध में सही निर्णय लेने में मदद मिली है।

चाहर ने किसान क्रेडिट कार्ड नेटवर्क के विस्तार और किसान-उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने पर भी प्रकाश डाला, और बताया कि देश भर में 8,000 से अधिक एफपीओ स्थापित किए गए हैं। इन संगठनों ने किसानों को अपनी उपज का सामूहिक रूप से विपणन करने, सौदेबाजी की शक्ति में सुधार करने और बेहतर कीमतें प्राप्त करने में सक्षम बनाया है।

भाजपा नेता ने पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और किसानों के लिए इनपुट लागत कम करने का श्रेय नैनो यूरिया और नीम-कोटेड यूरिया जैसी पहलों को भी दिया।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रमुख ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जहां मोदी सरकार ने लगातार किसानों के कल्याण के लिए कदम उठाए हैं, वहीं विपक्षी दलों ने राजनीतिक फायदे के लिए किसान समुदाय को गुमराह करने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कल्याणकारी और सुधारवादी कदमों के जरिए किसानों से किए गए वादों को पूरा किया है, और इन पहलों का फायदा अब सीधे पैसे ट्रांसफर करने और खास कृषि कार्यक्रमों के जरिए देश भर के लाखों किसान परिवारों तक पहुंच रहा है।