भिंड, अक्षय जोशी। जिले में भूमि संबंधी कामों में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मेहगांव के सिमार हल्का में पदस्थ पटवारी संजय बघेल पर आरोप है कि उन्होंने एक किसान से खेत के नामांतरण के एवज में भारी रिश्वत की मांग की थी।
मामले की जानकारी के अनुसार, फरियादी राघवेंद्र बघेल ने पटवारी से अपने खेत के नामांतरण का काम कराने के लिए संपर्क किया था। इस दौरान पटवारी संजय बघेल ने कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। किसान ने जब इस मांग का विरोध किया और शिकायत दर्ज कराई तो लोकायुक्त की टीम सक्रिय हो गई। टीम ने पूरे मामले की गहन जांच की और फरियादी के सहयोग से ट्रैप लगाकर कार्रवाई की योजना बनाई।
लोकायुक्त की टीम ने तय योजना के मुताबिक कार्रवाई करते हुए पटवारी को रिश्वत की रकम लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। पटवारी के पास से 5 हजार रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई। यह राशि नामांतरण के काम के लिए मांगी गई कुल रिश्वत का हिस्सा बताई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त की टीम ने पटवारी से पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल लोकायुक्त की पूरी कार्रवाई मेहगांव स्थित सर्किट हाउस में जारी है। टीम दस्तावेजों की जांच और आगे की पूछताछ कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले में और विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। भूमि संबंधी कामों में रिश्वत की ऐसी घटनाएं किसानों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती रही हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्ती का संदेश साफ हो गया है।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पटवारी संजय बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। लोकायुक्त टीम की इस सफल कार्रवाई से भिंड जिले में भूमि अभिलेखों से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।




