छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। जिले के तामिया विकासखंड के अतरिया ग्राम के टिपाखेड़ा गांव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज न मिलने से एक 50 वर्षीय महिला की हालत गंभीर हो गई। जानकारी के अनुसार करीब तीन महीने पहले महिला को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन परिजनों ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया। शुरुआत में महिला सामान्य दिखाई दी, लेकिन धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव देखने को मिला।
परिजनों ने बताया कि महिला को पानी से डर लगने लगा और वह अजीब हरकतें करने लगी। हालात तब और चिंताजनक हो गए जब वह गांव के लोगों को काटने के लिए दौड़ने लगी, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। घटना के बाद घबराए परिजन उसे तामिया के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि कुत्ते के काटने के बाद तुरंत एंटी-रेबीज टीका लगवाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि Rabies जैसी बीमारी समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है।

