नौगांव,कमाल यादव| मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने नौगांव दौरे के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एक दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुनवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।


अस्पताल निरीक्षण में मिली खामियां

अध्यक्ष ने नौगांव सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां महिलाओं के बैठने की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर के शुरू न होने और शव रखने की उचित व्यवस्था न होने जैसी कमियां सामने आईं। उन्होंने बीएमओ डॉ. रविंद्र पटेल को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं को शीघ्र सुचारू किया जाए और सभी कमियों को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।


शिक्षा और स्थानीय संवाद पर भी जोर

दौरे के दौरान उन्होंने एक निजी स्कूल में छात्र-छात्राओं और स्टाफ से मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था और आवश्यकताओं पर चर्चा की। साथ ही स्थानीय चिकित्सक डॉ. आईपी सिंह यादव से भी क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संवाद किया।


आर्थिक सहायता और लंबित मामलों पर जानकारी

सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में आयोग द्वारा जरूरतमंदों को एक करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिसमें दुर्घटना, सर्पदंश और अन्य आपात मामलों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों के लंबित मामलों का निराकरण तेजी से किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।


आदिवासी और अन्य मामलों पर भी नजर

अध्यक्ष ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही छतरपुर जिले में हाल ही में सामने आए पुलिस से जुड़े मामलों को आयोग द्वारा संज्ञान में लेकर जांच शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य लोगों को न्याय दिलाना, आर्थिक सहायता प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को अन्याय का सामना न करना पड़े।