छतरपुर / पन्ना, संजय अवस्थी| केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से चल रहा ‘चिता आंदोलन’ आखिरकार समाप्त हो गया है। पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक के बाद आदिवासी महिलाओं और किसानों ने सशर्त आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि एसडीएम स्तर के अधिकारी स्वयं गांव-गांव जाकर सर्वे करेंगे और मुआवजे व पुनर्वास से जुड़ी विसंगतियों को दूर करेंगे। बताया गया है कि करीब 7 दिनों तक विशेष सर्वे अभियान चलाया जाएगा।
आंदोलन के प्रणेता अमित भटनागर ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि केवल 10 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। यदि इस समय सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो क्षेत्र में दोबारा ‘महा आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन और सर्वे की प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए आदिवासी समुदाय ने धरना समाप्त कर दिया है।

