सागर, जीशान खान। मध्यप्रदेश के सागर जिले में सामने आया महिला मौत का मामला अब एक सुनियोजित और खौफनाक हत्याकांड में बदल गया है। शुरुआती तौर पर कार में आग लगने से हुई मौत समझी जा रही इस घटना का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बताया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। आरोपी डॉक्टर पति ने पहले घर में पत्नी का गला दबाया और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मृतका की पहचान सीमा कुर्मी के रूप में हुई है, जो सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र में अपने पति डॉ. नीलेश कुर्मी (पटेल) के साथ रहती थी। आरोपी डॉक्टर गढ़ाकोटा में ही क्लीनिक संचालित करता है। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर पति के साथ उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि देर रात करीब 2 बजे आरोपी घर पहुंचा। देर से आने को लेकर पत्नी ने सवाल किए, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने पत्नी सीमा का गला दबा दिया, जिससे वह अचेत हो गई और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी। घबराए आरोपी ने घर में किराए से रहने वाले रामकृष्ण पटेल और शुभम पटेल को बुलाया और बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है। दोनों की मदद से उसे कार में बैठाया गया। इसी दौरान घर में मौजूद 11 वर्षीय बेटी जाग गई। आरोपी ने उसे बताया कि मां की तबीयत खराब है और उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। इसके बाद वह कार लेकर सागर की ओर रवाना हो गया। रास्ते में उसने ससुराल पक्ष को भी फोन कर अलग-अलग बातें बताईं। 21 मार्च शनिवार की तड़के करीब 4 बजे आरोपी सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर सानौधा थाना क्षेत्र अंतर्गत चनाटोरिया के पास पहुंचा।
यहां उसने सड़क किनारे कार रोकी और पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद वह और उसके दोनों साथी कार से बाहर निकलकर दूर खड़े हो गए और कार में लगी आग को देखते रहे। पूरी घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की गई। सुबह कार में आग लगने से महिला की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि कार में मौजूद अन्य लोग सुरक्षित थे और उन्हें गंभीर चोट नहीं आई थी, जिससे घटना संदिग्ध लगी। मौके से जली हुई माचिस की तीलियां, आग लगने का असामान्य पैटर्न और कार की स्थिति ने यह संकेत दिया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।पूछताछ में आरोपी डॉक्टर ने पुलिस और परिजनों को अलग-अलग बयान दिए। पहले हार्ट अटैक, फिर सड़क दुर्घटना और बाद में कार में सीएनजी ब्लास्ट होने की बात कही। लेकिन जांच में सामने आया कि कार में सीएनजी किट नहीं थी और आग पीछे की सीट से लगी थी, जिसमें पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था। इससे आरोपी के बयान झूठे साबित हुए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का एक युवती से संबंध था, जो उसके क्लीनिक पर आती थी। इस संबंध को लेकर पत्नी को शक हो गया था और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। बताया जा रहा है कि पत्नी ने आरोपी की युवती के साथ तस्वीरें देख ली थीं, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया था।
इसी विवाद के चलते आरोपी ने पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोपी को आशंका थी कि यदि पत्नी को अस्पताल ले जाया गया तो गला दबाने के निशान सामने आ जाएंगे। इसलिए उसने पहले दुर्घटना का प्लान बनाया, लेकिन जोखिम के कारण उसने सुनसान स्थान पर कार में आग लगाकर सबूत मिटाने का तरीका अपनाया। घटना के समय मौजूद रामकृष्ण पटेल और शुभम पटेल को शुरुआत में पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन जब आरोपी ने पेट्रोल डालकर आग लगाई, तब वे मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो महिला को बचाने का प्रयास किया और न ही पुलिस को सूचना दी। बाद में पूछताछ में सच्चाई सामने आने पर दोनों को भी आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने आरोपी के घर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन रिकॉर्डिंग नहीं मिली। डीवीआर जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में कार की आवाजाही भी सामने आई है। मृतका का शव बुरी तरह जल चुका था और कंकाल के रूप में बरामद हुआ। फिलहाल विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि मौत गला दबाने से हुई या आग में जलने से। इस मामले में सागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर मृतका के डॉक्टर पति और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले पत्नी का गला दबाया और फिर पेट्रोल डालकर कार में आग लगाई, ताकि घटना को हादसा दिखाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



