भोपाल। मध्यप्रदेश में गर्मी ने इस बार अप्रैल में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जबलपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। वहीं नौगांव में पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। प्रदेश के कई जिलों में लू का असर साफ देखने को मिल रहा है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
कहीं बादल, कहीं बारिश
सोमवार सुबह भोपाल, रायसेन और बैतूल में बादल छाए रहे, जबकि रायसेन में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं धार में तेज धूप ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया।
बारिश और आकाशीय बिजली का असर
रविवार देर रात रतलाम और खरगोन में बारिश के साथ तेज बिजली कड़की। बड़वानी जिले के मंडवाड़ी निहाली गांव में आकाशीय बिजली गिरने से किसान के दो बैलों की मौत हो गई।
इन जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने पन्ना, कटनी, उमरिया, मंडला समेत आठ जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री के पार बना रह सकता है।
बड़े शहरों का हाल
ग्वालियर – 42.4°C
भोपाल – 41.8°C
इंदौर – 40.6°C
उज्जैन – 41.4°C
क्यों बदल रहा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के कारण बादल छाए हुए हैं। साथ ही 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, हालांकि इसका असर सीमित रहेगा।
गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि:
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
दोपहर में धूप से बचें
हल्के और सूती कपड़े पहनें
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
फिलहाल, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में गर्मी और बढ़ने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं।

