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मध्य प्रदेशमप्र में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन, लंबित प्रकरणों का होगा निराकरण

मप्र में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन, लंबित प्रकरणों का होगा निराकरण

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13 दिसंबर 2025, 10:39 am IST
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा आज शनिवार को मध्य प्रदेश में उच्च न्ययालय से लेकर जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, म.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। साल की इस अंतिम नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह-मशविरे के आधार पर निराकरण किया जाएगा।

इंदौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिवराज सिंह गवली ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में जिले के विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण रखे गये हैं, जिनके अंतर्गत राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण 2458, सिविल प्रकरण 974, मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरण 1174, विद्युत प्रकरण 1303, चेक बाउंस प्रकरण 1949, वैवाहिक प्रकरण 413 अन्य 871 प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी 84968 व विद्युत 2011 से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर निराकरण हेतु रखे जा रहे हैं। उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु सम्पूर्ण जिले कुल 85 खंडपीठ का गठन किया गया है।

राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 13 दिसम्बर, 2025 (शनिवार) को होने वाली नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्न समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियम एवं शर्तों के अधीन प्रीलिटिगेशन एवं लीटिगेशन स्तर पर छूट दी जाएगी।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक वृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक वृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

सचिव शिवराज सिंह गवली ने नेशनल लोक अदालत में समस्त पक्षकारों से अपने-अपने प्रकरणों का आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर निराकरण कराये जाने हेतु आग्रह किया है।

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