चंदला,जीतेन्द्र तिवारी। चंदला विधानसभा क्षेत्र का अंतरराज्यीय बस स्टैंड यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। कहने को तो यह बस स्टैंड छतरपुर, महोबा, बांदा, पन्ना और अजयगढ़ समेत कई शहरों के लिए रोजाना 40 से 50 बसों की आवाजाही का केंद्र है, लेकिन यहां सुविधाओं का बुरी तरह अभाव है। न बैठने के लिए छायादार जगह है, न कोई प्रतीक्षालय।


आलम यह है कि गर्मी की तपती धूप में यात्री अपने सामान के साथ बस का इंतजार करने को मजबूर हैं। वे दुकानों और होटलों के बाहर दुबकने के लिए विवश हैं, जहां दुकानदारों की नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खासतौर पर इस परेशानी का शिकार हो रहे हैं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कई दशकों से यहां भाजपा का विधायक है, लेकिन बस स्टैंड के विकास के नाम पर सिर्फ वादे ही किए जा रहे हैं। नगर परिषद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। न तो छाया के लिए शेड बनवाया गया, न पानी की व्यवस्था है और न ही सफाई का कोई इंतजाम।


यात्री बताते हैं कि बारिश के मौसम में तो हालत और भी खराब हो जाती है। कीचड़ और पानी भरा बस स्टैंड यात्रियों के लिए मुसीबत बन जाता है। कई बार तो बसें समय पर नहीं आतीं, तब इंतजार और भी लंबा हो जाता है।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण बस स्टैंड को आधुनिक बनाने की जरूरत है, ताकि रोजाना आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बस स्टैंड में प्रतीक्षालय, छायादार शेड, पीने का पानी, शौचालय और उचित प्रकाश व्यवस्था जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।