भोपाल, जीतेंद्र यादव। डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। कैबिनेट ने किसान कल्याण वर्ष के तहत बड़ा निर्णय लेते हुए मुआवजे के लिए फैक्टर-2 लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य के तहत 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की दिशा में काम करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में निर्माण कार्यों को गति देने के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत सिंचाई योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 6150 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अगले 5 वर्षों तक कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सीएम केयर योजना 2026 को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिस पर 3628 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए आश्रय स्थल बनाए जाएंगे और आगामी वर्षों में कैथ लैब तथा अंग प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले के पुनर्वास पैकेज में 128 करोड़ रुपये की वृद्धि को मंजूरी दी गई है। सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के लिए एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का भी निर्णय लिया है। बैठक के बाद मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, शिक्षा को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर है। कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले प्रदेश में किसानों, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

