नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत– जी राम जी अधिनियम’ की सराहना करते हुए कहा है कि यह कानून देश के गांवों के समग्र विकास को नई दिशा देगा और सरकारी योजनाओं में होने वाले भ्रष्टाचार व लीकेज पर प्रभावी रोक लगाने में मददगार साबित होगा।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह अधिनियम जमीनी स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और विकास योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि ‘जी राम जी अधिनियम’ के तहत किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए नई सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास कार्यों में तेजी आएगी और शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

