नई दिल्ली, 17 अप्रैल । राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई 10 अप्रैल को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ आईपीएल 2026 के मैच के दौरान डगआउट के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए की गई है।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने मैच के दौरान डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अगले 48 घंटों के भीतर उनसे जवाब मांगा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) भिंडर की सफाई से संतुष्ट नहीं थी, जिसके चलते उन पर जुर्माना लगाया गया और इस उल्लंघन के लिए उन्हें चेतावनी दी गई।

देवजीत सैकिया ने 'आईएएनएस' को बताया, "यह उल्लंघन राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मैच में हुआ था, जहां गुवाहाटी में हमारी भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने इस उल्लंघन पर संज्ञान लिया और 12 अप्रैल को उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। उन्हें जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था, क्योंकि रोमी भिंडर को डगआउट क्षेत्र में अपना मोबाइल ले जाते हुए देखा गया था। वह अपने हाथ में मोबाइल रख सकते हैं, लेकिन उसे डगआउट क्षेत्र में नहीं ले जा सकते। इसी कारण उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया और रोमी भिंडर ने निर्धारित 48 घंटों के भीतर जवाब दिया। भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने उनके जवाब की जांच की और उसे संतोषजनक नहीं पाया।

उन्होंने आगे कहा, "इस बात को ध्यान में रखते हुए कि यह पहली बार है जब उन्होंने आईपीएल पीएमओए प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है, भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में IPL पीएमओए प्रोटोकॉल के इस तरह के उल्लंघन या नियम तोड़ने की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी भी दी गई।"

आईपीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध पीएमओए (खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र) दिशानिर्देशों के अनुसार, "टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं।" भिंडर 2008 में लीग की शुरुआत से ही राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हुए हैं और 15 साल के सूर्यवंशी के स्थानीय अभिभावक के तौर पर भी काम करते हैं। 2016 और 2017 में राजस्थान रॉयल्स पर लगे बैन के दौरान भिंडर राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के साथ थे। देवजीत सैकिया ने कहा, "बीसीसीआई की तरफ से मैं बस इतना ही कह सकता हूं और हमें उम्मीद है कि यह आईपीएल से जुड़े बाकी सभी लोगों के लिए एक सबक होगा, ताकि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और आईपीएल पीएमओए प्रोटोकॉल को मानें।"