रीवा। रीवा जिले के चाकघाट निवासी एवं बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशांत पाठक पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जानलेवा हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना शनिवार की है जब प्रयागराज के व्यस्ततम सुभाष चौराहे पर जंतर-मंतर छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। गाड़ी पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा देखकर भीड़ उग्र हो गई और 'बीजेपी वाला है, इसे मारो' के नारे लगाते हुए वाहन पर टूट पड़ी। उपद्रवियों ने गाड़ी के कांच फोड़ दिए और पार्टी का झंडा उखाड़कर फेंक दिया।
प्रशांत पाठक के अनुसार, उग्र भीड़ ने उनकी गाड़ी का दरवाजा तोड़कर उन्हें जबरन बाहर खींचने और गंभीर चोट पहुँचाने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे तक चले भारी हंगामे और मशक्कत के बाद किसी तरह उनके ड्राइवर ने मौका पाकर गाड़ी को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। इस पूरी हिंसक घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उपद्रवी गाड़ी में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं।
घटना के संबंध में प्रशांत पाठक ने प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अपना दर्द साझा करते हुए उन्होंने कहा, मैं अपने इलाज के सिलसिले में प्रयागराज गया था। वापस लौटते समय सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे युवकों ने हमारी गाड़ी रोक ली और तोड़फोड़ शुरू कर दी। वे हमारे साथ मारपीट पर आमादा थे। मैं मौत को छूकर वापस लौटा हूँ। उन्होंने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने प्रशांत पाठक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता ने पलटवार करते हुए कहा, जब काम ही ऐसे किए हैं तो कोई हार कैसे पहनाएगा? कांग्रेस या समाजवादी पार्टी ने कोई हमला नहीं कराया है। यह बीजेपी की छात्र-विरोधी नीतियों से नाराज और निराश युवाओं का स्वाभाविक गुस्सा है, जिसके लिए खुद भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है।




