छतरपुर, रोहित पाठक। बुंदेलखंड की पावन धरा छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और अटूट विश्वास का एक ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है। सुबह की पहली किरण के साथ ही महाआरती की गूंज और बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा।


इस पावन पर्व का मुख्य सार उस दिव्य अभिषेक और श्रृंगार में छिपा है, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। षोडशोपचार पूजन के साथ गाय के पवित्र दूध से महाभिषेक और सुगंधित पुष्पों के भव्य महाश्रृंगार के बाद जैसे ही बालाजी के पट खुले, हजारों आंखों ने उस अलौकिक छवि के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।


दरबार की छटा आज देखते ही बन रही थी, जहाँ 56 भोग, रंग-बिरंगी मिठाइयों और ताजे फल-फूलों से सजा बालाजी का सिंहासन किसी दिव्य लोक से कम प्रतीत नहीं हो रहा था। विशेष श्रृंगार के पश्चात शुरू हुआ दर्शनों का यह सिलसिला अब तक अनवरत जारी है। देश-दुनिया के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और उनकी आस्था को देखते हुए प्रबंधन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। भक्तों की सुविधा के लिए आज बालाजी के पट सामान्य समय से एक घंटे से भी अधिक समय तक खुले रखे जा रहे हैं, ताकि कतार में लगा अंतिम श्रद्धालु भी इस पावन दिन पर अपने आराध्य के दर्शन लाभ प्राप्त कर सके।


आज की शाम बागेश्वर धाम के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है, जहाँ भक्ति और संगीत की अविरल धारा बहेगी। शाम को विशेष कार्यक्रम के तहत पुंडरीक गोस्वामी जी का आशीर्वचन होगा, जिसके साथ ही भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव का सबसे भव्य और ऐतिहासिक क्षण वह होगा, जब 21 हजार भक्त एक साथ मिलकर हनुमान जी की महाआरती करेंगे। आस्था की यह निरंतर बहती धारा और भक्तों का रेला यह सिद्ध कर रहा है कि बागेश्वर धाम के प्रति जन-मानस का विश्वास समय के साथ और भी प्रगाढ़ होता जा रहा है।