नई दिल्ली, 31 मई । चंद्रमा, सूर्य समेत अन्य ग्रह हों या एस्टेरॉयड, रोमांच और रहस्यों से भरी अंतरिक्ष की दुनिया आम लोगों को खासा आकर्षित करती है। ऐसे में दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां इस दुनिया से जुड़ी नई-नई जानकारियां साझा करती रहती हैं। इसी कड़ी में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने सूर्य की कुछ बेहद खास तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें सौर विस्फोट से लेकर ध्रुवीय बदलाव तक देखने को मिल रहे हैं।ईएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सूर्य के अलग-अलग रूपों को दिखाने वाली चार तस्वीरें पोस्ट करते हुए लोगों से पूछा, "सूर्य का कौन सा नजारा सबसे ज्यादा हैरान करता है?"

ईएसए के अनुसार, ये तस्वीरें सूर्य की गतिविधियों और उसके रहस्यमयी व्यवहार को समझने में मदद करती हैं। इनमें सूर्य के सक्रिय क्षेत्रों, विशाल विस्फोटों, सौर हवाओं और चुंबकीय ध्रुवों में होने वाले बदलाव जैसी घटनाओं को दिखाया गया है।

पहली तस्वीर में सूर्य के पश्चिमी किनारे पर मौजूद एक सक्रिय क्षेत्र को कैद किया गया है। यह तस्वीर अक्टूबर 2025 में सोलर ऑर्बिटर मिशन द्वारा ली गई थी। तस्वीर में दिखाई देने वाले विशाल चुंबकीय लूप वैज्ञानिकों के लिए विशेष रुचि का विषय हैं। ईएसए के अनुसार, सूर्य के भीतर बनने वाली ध्वनि तरंगें सतह तक पहुंचकर सनस्पॉट्स के माध्यम से कोरोना तक ऊर्जा पहुंचाती हैं, जिससे ये लूप धड़कते हुए दिखाई देते हैं।

दूसरी तस्वीर जनवरी 2024 में हुए दो बड़े सौर विस्फोटों को दिखाती है। सोलर ऑर्बिटर और लास्को कोरोनोग्राफ ने मिलकर इन घटनाओं को रिकॉर्ड किया था। इनमें दूसरा विस्फोट बेहद शक्तिशाली था। विस्फोट के बाद बने चमकदार चुंबकीय लूप यह संकेत देते हैं कि सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र में कितनी बड़ी मात्रा में ऊर्जा जमा और मुक्त होती है।

तीसरी तस्वीर अप्रैल 2025 की है, जिसमें सूर्य के चार अलग-अलग स्वरूप एक ही फ्रेम में दिखाई देते हैं। इसमें अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र, शांत हिस्से और कोरोना के विशाल छिद्र एक-दूसरे के बिल्कुल पास मौजूद हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन क्षेत्रों के बीच की सीमाएं सौर हवा (सोलर विंड) के बनने की प्रमुख जगहों में शामिल हो सकती हैं।

चौथी तस्वीर सूर्य के चुंबकीय ध्रुवों में होने वाले बदलाव से जुड़ी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग हर 11 साल में सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव अपनी जगह बदल लेते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के पीछे के कारणों की सामान्य समझ मौजूद है, लेकिन इसका पूरा वैज्ञानिक रहस्य अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

ईएसए का कहना है कि सोलर ऑर्बिटर लगातार सूर्य के ध्रुवों के करीब पहुंच रहा है और भविष्य में मिलने वाले आंकड़े इस अनसुलझी पहेली को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।