छतरपुर। जिले की पनवारी सहकारी समिति में एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पनवारी निवासी किसान बुचई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी देय राशि जमा करने के बावजूद समिति ने उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया है। निरक्षर होने के कारण वे कभी बैंक से कोई ऋण नहीं ले पाए थे, फिर भी समिति प्रबंधक दरवारी लाल अहिरवार के खिलाफ उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब राशि जमा कर दी गई तो डिफाल्टर कैसे घोषित हो गए। इस पूरे प्रकरण में उन्होंने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा केसीसी राशि जारी करने की मांग की है। शाखा प्रबंधक ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसान द्वारा जमा की गई रसीदों का समिति के रिकॉर्ड से मिलान कर जांच की जाएगी।
किसान बुचई ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि वे निरक्षर हैं और उन्होंने कभी भी किसी बैंक से ऋण नहीं लिया। इसके बावजूद समिति की ओर से उन्हें डिफाल्टर की श्रेणी में डाल दिया गया। उन्होंने समिति प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा कि राशि जमा करने के बाद भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
किसान ने कलेक्टर से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने केसीसी की राशि शीघ्र जारी करने की भी मांग रखी है ताकि उनकी खेतीबाड़ी प्रभावित न हो। जिले में सहकारी समितियों के कामकाज को लेकर किसानों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इसकी प्रतीक्षा स्थानीय किसान कर रहे हैं।




