राघौगढ़ | मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का एक ताजा बयान राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। राघौगढ़ क्षेत्र के भैंसाना में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ज्योतिष और कुंडलियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी कुंडली हजारों पंडितों ने बनाई, लेकिन कोई भी यह भविष्यवाणी नहीं कर पाया था कि वे एक दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि यह बात उन्होंने बेहद मजाकिया लहजे में कही, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसके पीछे गहरे सियासी संकेत तलाश रहे हैं।


पंडित जी से बोले- महाराज, हमारी भी कुंडली बना दीजिए

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भैंसाना में चल रहे धार्मिक आयोजन में शिरकत करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मंच पर एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने वहां मौजूद कुंडली के जानकार एक ज्योतिषी के सामने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़े और मुस्कुराते हुए कहा, "पंडित जी, महाराज... हमारी भी जरा कुंडली बना दीजिए।"


इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में बात को मोड़ते हुए कहा, "वैसे मुझे कुंडली पर भरोसा नहीं होता है। मेरी कुंडली तो पहले हजारों लोगों ने बनाई, लेकिन कोई भी पंडित यह नहीं बता पाया था कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा।" दिग्विजय सिंह के इतना कहते ही पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा और खुद पूर्व मुख्यमंत्री भी हंसने लगे।


'हनुमान जी की कृपा से है हमारे परिवार का अस्तित्व'

हंसी-मजाक के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी गहरी धार्मिक आस्था भी प्रकट की। उन्होंने आयोजन में आए संतों और महंत का आभार जताते हुए कहा कि हमारे पूरे परिवार का अस्तित्व सिर्फ और सिर्फ हनुमान जी महाराज की कृपा से ही है। उन्होंने कहा, "हम भाग्यशाली हैं कि महंत जी हमारे बीच आए हैं और हनुमान जी महाराज की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं।"


मजाक या बड़ा सियासी संकेत? चर्चाएं गर्म

भले ही दिग्विजय सिंह का यह बयान किसी विशुद्ध राजनीतिक मंच से नहीं आया हो, लेकिन मध्य प्रदेश की सियासत में इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।


भावी सीएम फेस की चर्चा: राजनैतिक विश्लेषकों का एक धड़ा इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहा है। गलियारों में यह चर्चा चल पड़ी है कि क्या दिग्विजय सिंह इस बयान के जरिए आलाकमान और कार्यकर्ताओं को यह संकेत दे रहे हैं कि वे भविष्य में एक बार फिर मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में रेस में शामिल हो सकते हैं।


कार्यकर्ताओं में नया जोश: इस बयान के बाद राघौगढ़ सहित पूरे प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई चर्चा छिड़ गई है। फिलहाल, इस चुटीले बयान ने प्रदेश की राजनीति के तापमान को जरूर बढ़ा दिया है।