नौगांव,कमल यादव । जिले के नौगांव में मंगलवार दोपहर माझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले करीब एक सैकड़ा लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बस स्टैंड के पास एकत्रित होकर प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए अनुभागीय कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
इस प्रदर्शन में सानिया, लुगासी, माधोपुर, छतरपुर, चिरवारी और नौगांव सहित आसपास के क्षेत्रों से माझी, रैकवार, मल्लाह और केवट समाज के करीब 12 समूहों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई।
समिति के सदस्यों का कहना है कि उनकी जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है, जिससे समाज के विकास में बाधा आ रही है। उन्होंने मांग की कि उन्हें ओबीसी के खंड-29 में शामिल किया जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और आरक्षण का पूरा लाभ मिल सके।
इसके साथ ही मछुआरा समाज से जुड़े लोगों ने तालाबों और मछली पालन के अधिकार को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि मछली पालन उनका पारंपरिक व्यवसाय है, इसलिए इसका अधिकार केवल मछुआ समिति को ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है और सरकार इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।
समिति ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान मछुआ समिति के जिला अध्यक्ष सहित नगर और ब्लॉक स्तर के कई पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

