सागर,जीशान अंसारी। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सागर जिले में भी आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश संयुक्त महामंत्री आशीष सिंह के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष जगदीश जारोलिया एवं जिला मंत्री दीपक मिश्रा सहित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर सागर को सौंपा।
ज्ञापन सौंपते हुए संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के कर्मचारी भोपाल स्थित संघ कार्यालय में एकत्र होकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि प्रदेश के बाह्यस्त्रोत कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाई जाए, जिसमें आउटसोर्स सर्विस सेक्यूरिटी एक्ट या आउटसोर्स निगम गठन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और उचित वेतन सुनिश्चित किया जा सके।
संघ ने यह भी मांग रखी कि श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाए और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। कर्मचारियों से आठ घंटे से अधिक कार्य लेने पर अतिरिक्त समय का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा वेतन सीधे संबंधित विभाग या संस्था द्वारा दिया जाए, जिससे बिचौलिया प्रथा समाप्त हो सके। इसके साथ ही कर्मचारियों का मासिक वेतन प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से देने और वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
ज्ञापन में अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि, संविदा या नियमित भर्ती में अवसर देने, बिना ठोस कारण कर्मचारियों को सेवा से हटाने पर रोक लगाने तथा किसी भी शिकायत या आरोप की उच्च स्तरीय जांच के बिना सेवा समाप्ति न करने की मांग शामिल रही। साथ ही कर्मचारियों को ईएसआई, ईपीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ देने, नियमित कार्य कर रहे कर्मचारियों को 62 वर्ष की आयु तक सेवा में बनाए रखने और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की बात भी कही गई।
संघ ने सेवा समाप्ति के आदेश के विरुद्ध अपील के लिए विभाग स्तर पर समिति गठित करने, सेवाकाल के आधार पर श्रेणी उन्नयन, 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, रिक्त पदों पर समायोजन या संविलियन की नीति बनाने, प्रतिवर्ष कौशल विकास प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था तथा साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सोनू चुटेले ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

