दतिया। मध्य प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में से एक, दतिया के उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद पार्टी ने यहाँ से कद्दावर नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। टिकट की घोषणा के साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने चुनावी मैदान में पूरी ताकत से हुंकार भर दी है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने जहां दतिया में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत की भविष्यवाणी की है, वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर उन पर तीखा राजनीतिक तंज कसा है।
सबकी पहली पसंद और सर्वसम्मति के उम्मीदवार हैं घनश्याम सिंह: जीतू पटवारी
दतिया उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनावी रणनीति और टिकट वितरण की प्रक्रिया पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि घनश्याम सिंह का चयन किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और आपसी सहमति से हुआ है।
सगे भाइयों की तरह काम करने का संकल्प
टिकट के अन्य मजबूत दावेदार अवधेश नायक को मौका न मिलने के सवाल पर जीतू पटवारी ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अवधेश नायक और घनश्याम सिंह दोनों एक साथ उनसे मिलने आए थे। दोनों नेताओं ने पार्टी हित को सर्वोपरि रखते हुए स्पष्ट कहा था कि नेतृत्व उन दोनों में से किसी को भी टिकट दे, वे मैदान में सगे भाइयों की तरह एक-दूसरे के लिए कंधा से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
राजेंद्र भारती ने खुद किया परिवारवाद से किनारा
विधायकी गंवाने वाले राजेंद्र भारती या उनके परिवार को टिकट न मिलने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए पटवारी ने कहा कि इस संबंध में भारती से विस्तृत चर्चा हुई थी। राजेंद्र भारती ने खुद बड़प्पन दिखाते हुए कहा कि हर बार उनके परिवार के लोग ही चुनाव लड़ते हैं, इसलिए इस बार परिवार से बाहर किसी नए और योग्य व्यक्ति को मौका दिया जाना चाहिए। पटवारी ने दावा किया कि दतिया उपचुनाव की पूरी व्यूह रचना (चुनावी चक्रव्यूह) स्वयं राजेंद्र भारती ने ही तैयार की है और पूरी कांग्रेस एकजुट है। "घनश्याम सिंह बहुत विनम्र और सबकी पसंद हैं। वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की सलाह के बाद ही वे सर्वसम्मति के उम्मीदवार बनकर सामने आए हैं। कोई भी चुनाव सरल नहीं होता, जो इसे सरल समझता है वह खुद को धोखा दे रहा है। इसके बावजूद, मैं दावा करता हूँ कि कांग्रेस दतिया का चुनाव 100 प्रतिशत नहीं, बल्कि '500 प्रतिशत' जीतेगी।" — जीतू पटवारी, पीसीसी चीफ
उमंग सिंघार का नरोत्तम मिश्रा पर तंज: "दिल्ली नहीं, अब डबरा जाओ"
भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बेहद आक्रामक अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब उनके पास दतिया में करने के लिए कुछ नहीं बचा है।
झांझ-मंजीरे बजाने का आ गया है समय
उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा: "मैं नरोत्तम मिश्रा से यही कहना चाहता हूं कि अब व्यर्थ में दिल्ली के चक्कर मत काटो। दतिया तो अब आपके हाथ से पूरी तरह छूट गया है। दतिया के स्थानीय लोगों ने और खुद आपकी अपनी भारतीय जनता पार्टी ने आपसे दतिया छुड़वा दिया है। अब आप सीधे डबरा (ग्वालियर जिला) जाओ। अब तो भाजपा और नरोत्तम मिश्रा के झांझ-मंजीरे बजाने का समय आ गया है।"
बूथ स्तर पर तीन महीने से चल रही थी तैयारी
सिंघार ने भाजपा के आंतरिक गतिरोध पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने घर का झगड़ा और बगावत देखनी चाहिए। कांग्रेस को बहुत पहले से आभास था कि दतिया में उपचुनाव की परिस्थितियां बनेंगी, इसलिए पिछले दो-तीन महीनों से पार्टी का पूरा फोकस इसी सीट पर था। संगठन ने ब्लॉक स्तर से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक लगातार काम किया है। सर्वे और जमीनी रायशुमारी के आधार पर ही एक जिताऊ चेहरा मैदान में उतारा गया है।
सपा का मिलेगा साथ, दलित वोटों में सेंधमारी की चिंता नहीं
दतिया के सामाजिक और राजनैतिक समीकरणों को लेकर जब जीतू पटवारी से पूछा गया कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मैदान में न होने और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (ASP) के चुनाव लड़ने से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के वोटों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने इस चुनौती को खारिज कर दिया।
- संविधान प्रेमी कांग्रेस के साथ: पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन जो लोग बाबा साहेब के संविधान, देश की अखंडता और कांग्रेस की विचारधारा से प्यार करते हैं, वे पूरी मजबूती से कांग्रेस के साथ ही खड़े रहेंगे।
- समाजवादी पार्टी से गठबंधन: उत्तर प्रदेश से सटी इस सीमावर्ती सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के रुख को साफ करते हुए पटवारी ने बताया कि उनकी सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव से कई दौर की सकारात्मक चर्चा हो चुकी है। इंडिया (INDIA) गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी इस उपचुनाव में पूरी ताकत के साथ कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का समर्थन करेगी। विजयपुर उपचुनाव और राज्यसभा चुनावों में सत्ता के कथित दुरुपयोग और प्रशासनिक मशीनरी के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए पटवारी ने अंत में कहा कि मध्य प्रदेश की जनता भाजपा के इस 'लोकतंत्र विरोधी चेहरे' को देख चुकी है और इसका करारा जवाब 3 अगस्त को आने वाले चुनावी नतीजों में देखने को मिलेगा।




