छतरपुर/नौगांव, कमल यादव। नौगांव शहर में गैस की किल्लत की फैली एक अफवाह और एक हफ्ते से रुकी होम डिलीवरी ने शनिवार को विस्फोटक स्थिति पैदा कर दी। स्टेडियम के पीछे स्थित बुंदेलखंड गैस एजेंसी पर सुबह 9 बजे से ही उपभोक्ताओं का ऐसा हुजूम उमड़ा कि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। देखते ही देखते एजेंसी के बाहर आधा किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में जैसे-तैसे सिलेंडरों का वितरण शुरू हुआ, लेकिन अव्यवस्थाओं को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया।


साइबर अटैक और होम डिलीवरी के नाम पर परेशानी का खेल

उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से न तो गैस की होम डिलीवरी हो रही है और न ही ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल काम कर रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 8 दिन पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला, जिसके कारण अब उन्हें चूल्हा फूंकने को मजबूर होना पड़ रहा है। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 10 हजार कनेक्शनों का भार इसी एजेंसी पर है, जहाँ प्रतिदिन 350 सिलेंडरों की खपत है। बुकिंग सिस्टम फेल होने और डिलीवरी न होने से लोगों के मन में यह डर बैठ गया कि गैस का स्टॉक खत्म हो गया है, जिससे लोग एडवांस सिलेंडर लेने के लिए भी कतारों में लग गए।


प्रशासनिक फेलियर: ड्यूटी पर तैनात अधिकारी 'लापता'

एक तरफ जहाँ हजारों उपभोक्ता धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, वहीं जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई। गैस वितरण की व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने जिस अधिकारी अजय रैकवार की ड्यूटी लगाई थी, वे पूरे समय मौके से नदारद रहे। परेशान उपभोक्ताओं ने जब उन्हें फोन करने की कोशिश की, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना भी उचित नहीं समझा। ड्यूटी से इस तरह की नदारदगी ने प्रशासन के सतर्कता के दावों की पोल खोल दी है और उपभोक्ताओं की नाराजगी को और बढ़ा दिया है।


एजेंसी संचालक का पक्ष और हकीकत

गैस एजेंसी संचालक का कहना है कि गैस की कोई कमी नहीं है, केवल साइबर समस्या के कारण बुकिंग और रसीद कटने में देरी हुई है जिससे भ्रम की स्थिति बनी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक पैनिक न करें और बुकिंग के अन्य माध्यमों का उपयोग करें। लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है; लोगों का कहना है कि जब होम डिलीवरी बंद है और डिजिटल माध्यम काम नहीं कर रहे, तो वे एजेंसी के चक्कर लगाने को क्यों मजबूर न हों? फिलहाल पुलिस की निगरानी में वितरण जारी है, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लगने की उम्मीद है।