कफ सिरप कांड: मृतक नवजातों के परिजन 15 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे

Advertisement
छिंदवाड़ा(जीशान खान)। जिले के परासिया क्षेत्र में पिछले साल सामने आए जहरीले कफ सिरप (कोल्ड्रिफ) कांड से नवजात और छोटे बच्चों की मौतों का मामला अभी भी सुर्खियों में है। इस त्रासदी में कई मासूम बच्चों की जान गई थी, जिसके बाद एसआईटी ने जांच करते हुए एक डॉक्टर सहित 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन अब पीडि़त परिवारों का आक्रोश एक बार फिर बढ़ गया है, क्योंकि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिजनों ने बताया कि पुलिस थाना परासिया में अपराध क्रमांक 296/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और चालान भी कोर्ट में पेश किया जा चुका है। पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद बाकी आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और यहां तक कि अस्पताल का संचालन भी जारी रखे हुए हैं, जबकि उन्हें जेल में होना चाहिए। पुलिस द्वारा पूरक चालान पेश करने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे परिवार संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) परासिया के माध्यम से सौंपा है। इसमें उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि 10 फरवरी 2026 को प्रशासन को शिकायत दी गई थी और 16 फरवरी तक कार्रवाई की मांग की गई। बाद में तहसीलदार परासिया ने 15 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके चलते 17 फरवरी से प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया गया था। लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परिवार फिर आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं।
परिजनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 14 मार्च 2026 तक शेष आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो 15 मार्च 2026 से पुलिस थाना परासिया के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन की होगी। गौरतलब है कि इस कांड में एसआईटी की टीम पहले ही एक डॉक्टर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन बाकी आरोपियों पर कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीडि़त परिवारों का यह भी कहना है कि घटना के समय उनके साथ खड़े होने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि अब कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
