भोपाल,जीतेंद्र यादव |मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को मिली सजा और उसके बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। सारंग ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका का अपमान करने की आदी रही है। उन्होंने जीतू पटवारी के विधानसभा भवन में प्रवेश के तरीके को असंवैधानिक बताते हुए उनके विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करने की मांग की है।
दिग्विजय सरकार के समय का है मामला
मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती को यह सजा वर्तमान सरकार के कारण नहीं, बल्कि उनके पुराने कृत्यों की वजह से मिली है। उन्होंने कहा, "यह पूरा मामला तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल का है। राजेंद्र भारती ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी की थी, जिस पर माननीय न्यायालय ने अब सजा सुनाई है।" सारंग ने जोर देकर कहा कि राजेंद्र भारती पर की गई कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) और साल 2013 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के प्रावधानों के अंतर्गत हुई है।
जीतू पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के विधानसभा जाने पर निशाना साधते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि कल जिस तरह से कांग्रेस नेता विधानसभा भवन में घुसे, वह पूरी तरह असंवैधानिक था। उन्होंने कहा:
"एक सजायाफ्ता और भ्रष्टाचारी विधायक का समर्थन करने के लिए जीतू पटवारी ने अधिकारियों पर दबाव बनाने का काम किया है। विधानसभा जैसी पवित्र जगह का राजनीतिकरण किया जा रहा है।"
शासकीय कार्य में बाधा का मामला हो दर्ज
मंत्री सारंग ने मांग की है कि जिस तरह से कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में हंगामा किया और अधिकारियों को डराने का प्रयास किया, उसके लिए उन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया अपना काम कर रही है और कांग्रेस को इसे राजनीतिक रंग देने के बजाय कानून का सम्मान करना चाहिए।



