भोपाल, जीतेंद्र यादव। कुणाल चौधरी ने प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मध्य प्रदेश में किसानों की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ के नाम पर केवल दिखावा कर रही है, जबकि हकीकत में यह किसानों के उत्पीड़न का दौर बन गया है। कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया में देरी की जा रही है और इसके पीछे बाहरी दबाव काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 78 लाख मैट्रिक टन खरीदी के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 16 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो सकी है, जो व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है।


नरवाई जलाने के मामलों में किसानों पर लगाए जा रहे जुर्माने और सर्वे में लापरवाही को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने घोषणा की कि 28 अप्रैल को बुधनी में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के साथ बड़ा घेराव किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।