मुंबई। मुंबई पुलिस ने शनिवार को अंधेरी (पूर्व) में आयोजित एक कार्यक्रम में 440 शिकायतकर्ताओं को 3.26 करोड़ रुपए की कीमत का सामान लौटाया। वेस्ट जोन 3 के पुलिस उपायुक्त द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम मारोल मारोशी रोड पर सेवन हिल्स हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम हॉल में शाम 4 बजे से 6 बजे तक चला।लौटाए गए सामानों में 852 ग्राम सोने-चांदी के गहने (कीमत 1.35 करोड़ रुपए), 10.75 लाख रुपए नकद, 17 दोपहिया वाहन (कीमत 21.95 लाख रुपए), पांच तिपहिया वाहन (कीमत 5.95 लाख रुपए), तीन चार-पहिया वाहन (कीमत 37 लाख रुपए), 371 मोबाइल फोन (कीमत 40.65 लाख रुपए), साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बरामदगी (10.89 लाख रुपए) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान (कीमत 63.96 लाख रुपए) शामिल थे। कुल मिलाकर 440 शिकायतकर्ताओं को 3,26,23,947 रुपए की कीमत के बरामद सामान मिले।

इसी को लेकर पुलिस ने बताया कि अंधेरी, एमआईडीसी, मेघवाड़ी, जोगेश्वरी, साकीनाका और पवई पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों ने चोरी हुए, खोए हुए और धोखाधड़ी से हासिल किए गए सामान, जिसमें साइबर अपराध की जांच में जब्त सामान भी शामिल हैं, का पता लगाने और उन्हें बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की।

कार्यक्रम में शामिल कई शिकायतकर्ताओं ने बृहन्मुंबई पुलिस की कोशिश की तारीफ की और अपना सामान वापस मिलने पर आभार व्यक्त किया। इस ऑपरेशन की देखरेख करने वाले अधिकारियों में पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, संयुक्त कमिश्नर (के एंड एस) डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त कमिश्नर (पश्चिमी क्षेत्रीय डिवीजन) डॉ. अभिनव देशमुख और उपायुक्त दत्ता नलवाड़े (जोन 10) शामिल थे।

कार्यक्रम का समन्वय क्षेत्र के सहायक कमिश्नरों और पुलिस इंस्पेक्टरों ने किया, जिनमें गजानन पवार (अंधेरी), उमेश मच्छिंदर (अंधेरी पुलिस स्टेशन), रवींद्र वाणी (एमआईडीसी), सुधाकर हुंबे (मेघवाड़ी), इकबाल शिकलगार (जोगेश्वरी), सपना क्षीरसागर (साकीनाका) और जितेंद्र सोनवणे (पवई) शामिल थे।

पुलिस ने कहा कि इस हैंडओवर प्रोग्राम का मकसद बरामद की गई संपत्ति को कुशलता और पारदर्शिता के साथ लौटाकर जनता का भरोसा बहाल करना था। इसी के साथ उन्होंने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की जांच जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया।