छतरपुर में वर्टिकल गार्डन की बदहाली

Advertisement
छतरपुर। शहर की सुंदरता और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा लगाए गए वर्टिकल गार्डन अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। करीब 44 लाख रुपये की लागत से विभिन्न चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन गार्डनों में पौधे तेजी से सूखते जा रहे हैं, लेकिन उनकी देखरेख की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगर पालिका की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण कॉलेज तिराहा है, जहां अधिकांश पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं। इसी तरह एसपी ऑफिस, कलेक्टर कार्यालय के समीप और अन्य प्रमुख चौराहों पर भी पौधों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। कभी शहर की पहचान और आकर्षण का केंद्र बताए जा रहे ये वर्टिकल गार्डन अब सिर्फ लोहे के ढांचे बनकर रह गए हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय अधिवक्ता प्रशांत सिंह भदौरिया ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि नगर पालिका को इन लाखों रुपये की लागत से लगाए गए वर्टिकल गार्डनों की उचित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सिंचाई और पौधों का प्रतिस्थापन नहीं किया गया तो जनता का पैसा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
अधिकारी रहे बेपरवाह
इस संबंध में जब संबंधित उपयंत्री नीतेश चौरसिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इन वर्टिकल गार्डनों की सुध नहीं ली गई तो हरियाली बढ़ाने का यह प्रयास पूरी तरह विफल हो जाएगा और सरकारी धन की भारी बर्बादी साबित होगा।
