छतरपुर,विनोद मिश्रा। छतरपुर की सटई रोड स्थित गेहूं खरीदी केंद्र एवं कृषि उपज मंडी में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। भारी बारिश के दौरान केंद्र पर रखे हजारों क्विंटल गेहूं भीग गए, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नदारद रहे। पूरा केंद्र कर्मचारियों और मजदूरों के भरोसे चलता रहा, जिससे किसानों में काफी नाराजगी है।
मोके पर मौजूद जानकारी के अनुसार, केंद्र पर करीब 6 हजार क्विंटल गेहूं रखा हुआ था। धर्म कांटे पर गेहूं की तुलाई के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली में लाए जा रहे गेहूं के कई बोरे बारिश में भीग गए। साथ ही परिसर में खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों में रखा गेहूं भी बारिश की चपेट में आ गया। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
गेहूं की सफाई के लिए चानना (छलनी) की बजाय वैक्यूम क्लीनर की हवा से सफाई की जा रही है, जिस पर किसानों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह तरीका उचित नहीं है और गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि शुरू में केवल छोटे किसानों (दो एकड़ तक) के स्लॉट बुक किए जा रहे थे, जबकि बड़े किसानों के स्लॉट नहीं खुल रहे थे। अब 100 क्विंटल से अधिक गेहूं वाले किसानों के स्लॉट बुक होने शुरू हुए हैं। किसानों ने मांग की है कि केंद्र पर कर्मचारियों और मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा सभी किसानों के स्लॉट जल्द से जल्द बुक किए जाएं।
गठेवरा केंद्र में भी लापरवाही
गठेवरा खरीदी केंद्र में भी टीन शेड न होने के कारण बारिश में गेहूं भीग गया। समिति प्रबंधक रामावतार मिश्रा ने बताया कि अचानक बारिश होने पर गेहूं को तत्काल पन्नी से ढक दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 4933 क्विंटल गेहूं रखा हुआ है और खरीदी 30 मई तक चलेगी।
हालांकि किसानों ने आरोप लगाया कि कल तेज बारिश के दौरान समिति प्रबंधक मोहन लाल तिवारी अपनी रिटायरमेंट पार्टी मना रहे थे, जिसमें कई अधिकारी शामिल थे। उसी समय किसानों का गेहूं खुले आसमान के नीचे भीग रहा था।
सरकारी समर्थन मूल्य
इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिसमें 40 रुपये का बोनस जोड़कर किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने हैं। बावजूद इसके खरीदी केंद्रों पर हो रही अव्यवस्थाओं से किसान परेशान हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त टीन शेड, कर्मचारी और मजदूर उपलब्ध कराए जाएं तथा अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई की जाए।

