भोपाल/ओरछा। बुंदेलखंड की पावन धरा, जिसे स्वयं भगवान श्रीराम की 'अयोध्या' माना जाता है, अब आधुनिकता के नए आकाश को छूने को तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को परशुराम जयंती के पावन अवसर पर भोपाल के स्टेट हैंगर से "पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' सेक्टर का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ओरछा जाने वाले इस हेलीकॉप्टर को 'पुष्पक विमान' की संज्ञा देते हुए कहा कि राजा राम के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा एक दिव्य अनुभव होगी।
बुंदेलखंड के लिए 'संकल्प' से 'सिद्धि' का सफर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का पर्यटन विभाग नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बुंदेलखंड क्षेत्र, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वैभव के लिए विश्व विख्यात है, अक्सर आवागमन की सुगमता की कमी से जूझता रहा है। लेकिन डॉ. यादव के 'विजनरी' नेतृत्व ने इस कमी को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने ओरछा और चंदेरी जैसे विरासत स्थलों को राजधानी भोपाल से सीधे हवाई मार्ग से जोड़कर बुंदेलखंड के आर्थिक और पर्यटन परिदृश्य को बदलने का बड़ा संकल्प सिद्ध किया है।
मात्र 2750 रुपये में उड़ान: जेब पर हल्का, अनुभव में भारी
मुख्यमंत्री ने इस सेवा को आम जनता के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से किराए की दरें भी बेहद आकर्षक रखी हैं:
चंदेरी से ओरछा: मात्र 2,750 रुपये।
भोपाल से चंदेरी: 5,500 रुपये।
भोपाल से ओरछा: 6,500 रुपये।
विशेष पैकेज (ओरछा): 14,500 रुपये (इसमें हेलीकॉप्टर किराया, टैक्सी, दर्शन और प्रसाद की संपूर्ण व्यवस्था शामिल है)।
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि इन दरों को कम रखने के लिए राज्य सरकार 'मैचिंग ग्रांट' के रूप में एक बड़ी राशि वहन कर रही है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इस हवाई सेवा का लाभ उठा सके।
पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार: सीएम का 'मास्टरस्ट्रोक'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल केवल यात्रा को सुगम बनाने तक सीमित नहीं है। डॉ. यादव का मानना है कि हवाई सेवाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ओरछा की गलियों से लेकर चंदेरी के बुनकरों तक, इस सेवा का सकारात्मक असर हर वर्ग पर पड़ेगा। चंदेरी को श्रीराम और श्रीकृष्ण के पौराणिक संबंधों से जोड़कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना को भी जागृत किया है।
एविएशन सेक्टर में एमपी का 'डंका', महाराष्ट्र जैसे राज्य ले रहे प्रेरणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि मध्य प्रदेश का एविएशन सेक्टर आज देश में रोल मॉडल बन रहा है। पीएमश्री एयर एंबुलेंस जैसी योजना शुरू करने वाला एमपी देश का पहला राज्य है। डॉ. यादव की कार्यशैली और पर्यटन के प्रति उनके जुनून की ही देन है कि आज महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य भी मध्य प्रदेश के एविएशन मॉडल से प्रेरणा ले रहे हैं।
बोर्डिंग पास देकर किया प्रथम यात्रियों का अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' सेक्टर के पहले यात्रियों— श्री अवधेश प्रसाद शुक्ला, श्रीमती रेवती शुक्ला और श्री रमाशंकर शुक्ला को स्वयं अपने हाथों से बोर्डिंग पास प्रदान किए। 6 सीटों वाले इस आधुनिक हेलीकॉप्टर की बुकिंग IRCTC पोर्टल और flyola.in पर शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल बुंदेलखंड के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अध्यात्म को आधुनिकता से जोड़ने का जो कार्य डॉ. यादव ने किया है, वह प्रदेश के पर्यटन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। अब "राम राजा" की नगरी ओरछा और चंदेरी की ऐतिहासिक दीवारें पर्यटकों के स्वागत के लिए और भी अधिक तत्पर नजर आएंगी।



