खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र पटेल के भतीजे आकाश पटेल पर महिला से छेड़छाड़, बलात्कार की कोशिश और चाकू से हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी ने घर में घुसकर महिला का एक स्तन काट दिया और पसलियों में कई बार चाकू घोंप दिया। पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है और वह छह दिनों से अस्पताल में भर्ती है। घटना 11 अप्रैल की रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता का पति बुरहानपुर गया हुआ था। आरोपी आकाश पटेल, जो पहले से महिला पर नजर रखे हुए था, खेत की तरफ से आया और खिड़की की जाली तोड़कर घर में घुस गया। शराब के नशे में आरोपी ने महिला से छेड़छाड़ की और रेप की कोशिश की। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने चाकू से उसके स्तन को काट दिया और पसलियों में लगातार वार किए।
पति के अनुसार वह रात में अचानक घर लौटा तो पत्नी को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन वह भाग निकला। महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे इंदौर रेफर करने की सलाह दी है। परिवार इलाज के खर्च को लेकर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और पति रिश्तेदारों से कर्ज लेने को मजबूर है। पति ने बताया कि इससे पहले 5 अप्रैल को भी आकाश पटेल शराब के नशे में उनके घर घुसा था और महिला को धमकी देते हुए कहा था कि “आज नहीं तो कल तेरा रेप करूंगा”। इसके बाद वह लगातार घर के आसपास मंडराता रहा। घटना वाले दिन आरोपी को पता था कि पति घर पर नहीं है, क्योंकि पति ने व्हाट्सएप स्टेटस पर बुरहानपुर जाने की जानकारी शेयर की थी। आरोपी आकाश पटेल ड्राइवरी का काम करता है और उसकी शादी नहीं हुई है। वह शराब की लत का शिकार बताया जाता है। उसके चाचा जितेंद्र पटेल भाजपा के पंधाना तहसील के बोरगांव मंडल अध्यक्ष हैं।
सबसे गंभीर पहलू पुलिस की भूमिका का है। पीड़िता के पति का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद वे बोरगांव बुजुर्ग चौकी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने अस्पताल जाने की सलाह देकर मामले को टाल दिया। अस्पताल में चौकी पुलिस और तहसीलदार ने बयान जरूर दर्ज किए, लेकिन छह दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है। चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने कहा कि उनके पास इस तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अस्पताल से मिली एमएलसी रिपोर्ट में मामले को पति-पत्नी के विवाद के रूप में बताया गया था, इसलिए FIR दर्ज नहीं की गई। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और आरोप लगा रहा है कि आरोपी के चाचा के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है। पीड़िता की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और परिवार इलाज के लिए संघर्ष कर रहा है।

