भोपाल। मध्य प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राज्य सरकार ने राहत भरा बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को 6 दिन और बढ़ाते हुए अब 30 अप्रैल 2026 कर दिया है। पहले यह समय सीमा 24 अप्रैल को समाप्त हो रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस निर्णय से उन हजारों किसानों को लाभ मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश अपनी उपज बेचने के लिए तारीख तय (स्लॉट बुक) नहीं कर पाए थे।


स्लॉट क्षमता में भी इजाफा: अब 1500 क्विंटल तक की अनुमति

तारीख बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने स्लॉट बुकिंग की क्षमता में भी बड़ी वृद्धि की है। अब किसान एक बार में 1000 क्विंटल के स्थान पर 1500 क्विंटल तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। इस फैसले से विशेष रूप से बड़े किसानों और अधिक उत्पादन करने वाले कृषकों को बड़ी सुविधा होगी, क्योंकि वे अब एक ही बार में अपनी अधिक उपज खरीदी केंद्र तक ला सकेंगे।


बोनस के साथ 2625 रुपये मिल रहा दाम

मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है। इसमें 2585 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और 40 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला बोनस शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ बारदाना, पेयजल और गुणवत्ता जांच जैसे तमाम पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


खरीदी के अब तक के आंकड़े: एक नजर में

प्रदेश में गेहूं उपार्जन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसके आंकड़े सरकार की सक्रियता को दर्शाते हैं:

कुल पंजीकृत किसान: 19 लाख 4 हजार (पिछले साल से 3.60 लाख अधिक)

अब तक हुई खरीदी: 1 लाख 30 हजार से अधिक किसानों से 57 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा गया।

भुगतान: किसानों के खातों में अब तक 355 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।

स्लॉट बुकिंग: अब तक 4 लाख 22 हजार से अधिक किसान अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक करा चुके हैं।


78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य

पिछले वर्ष सरकार ने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी, जबकि इस वर्ष रिकॉर्ड पंजीयन को देखते हुए 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन के लिए जूट बारदानों के साथ-साथ पीपी और एचडीपी बैग की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि खरीदी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।