इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बंगाली चौराहा स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के मौत ने तांडव मचाया। एक इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) में चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने कुछ ही मिनटों में एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस भीषण आग की चपेट में आने से रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
डिजिटल लॉक और सिलेंडर ब्लास्ट बने काल
घटना बुधवार तड़के करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच की है। पुलिस जांच के अनुसार, गैरेज में चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक कार में शॉर्ट सर्किट से आग भड़की, जिसने तुरंत घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तपिश से घर में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे मकान का एक हिस्सा ढह गया। दुखद पहलू यह रहा कि बिजली सप्लाई बंद होते ही घर के डिजिटल लॉक जाम हो गए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
बिहार से आए थे रिश्तेदार, खुशियां मातम में बदलीं
मृतकों में से 6 लोग मनोज पुगलिया के रिश्तेदार थे, जो महज एक दिन पहले मंगलवार को बिहार के किशनगंज से इंदौर आए थे। घर में मेहमानों की मौजूदगी से चहल-पहल थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सूचना देने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं, तब तक सब कुछ राख हो चुका था।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतक:
इस हृदयविदारक हादसे ने पुगलिया और सेठिया परिवार के आठ सदस्यों को हमेशा के लिए छीन लिया। मृतकों में 65 वर्षीय गृहस्वामी और रबर कारोबारी मनोज पुगलिया सहित उनकी 30 वर्षीय गर्भवती बहू सिमरन (पति सौरभ पुगलिया) शामिल हैं। इनके साथ ही बिहार के किशनगंज से आए रिश्तेदार 65 वर्षीय विजय सेठिया, उनकी 60 वर्षीय पत्नी सुमन सेठिया, 22 वर्षीय छोटू सेठिया और मात्र 12 वर्ष की मासूम राशि सेठिया की भी इस अग्निकांड में दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भेंट चढ़ने वालों में 35 वर्षीय टीनू और 8 वर्षीय बालक तनय भी शामिल हैं, जिन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। वहीं, इस भयावह घटना में परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है। घायलों में मनोज पुगलिया की पत्नी सुनीता पुगलिया, उनके 30 वर्षीय पुत्र सौरभ पुगलिया, पुत्र सोमिल पुगलिया और 25 वर्षीय हर्षित पुगलिया शामिल हैं। फिलहाल इन सभी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उनकी जान बचाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासनिक जांच के आदेश
इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और घरों में लगे आधुनिक डिजिटल सुरक्षा उपकरणों की विफलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और जिला प्रशासन को जांच के साथ-साथ पीड़ितों को उचित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

