भोपाल। राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित सीएनजी टैंकर रिहायशी इलाके में घुस गया और कई कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ते हुए अंदर सो रहे मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन से चार अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का इलाज पीपुल्स अस्पताल में जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 2:20 बजे हुआ, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक तेज धमाके और चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। बताया जा रहा है कि सीएनजी टैंकर तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद टैंकर सीधे बस्ती में जा घुसा। टैंकर ने एक के बाद एक तीन से चार घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इन घरों में सो रहे बच्चे और परिवार के लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टैंकर के भारी-भरकम टायरों के नीचे दबकर एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।


स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल बच्चों को एंबुलेंस के जरिए पीपुल्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैंकर चालक की लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही वाहन की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के समय वाहन की स्थिति क्या थी और कहीं कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।


इस घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं होने के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। लोगों ने दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया है और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की लापरवाही और रिहायशी इलाकों में उनकी अनियंत्रित आवाजाही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जरूरत है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि मासूम जिंदगियां इस तरह की लापरवाही की भेंट न चढ़ें।


घटना को लेकर एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि रात करीब 2:20 बजे छोला मंदिर थाना क्षेत्र में एक सीएनजी टैंकर के अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाके में घुसने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैंकर चालक की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। टैंकर ने तीन से चार घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें एक मासूम बच्ची की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि कुछ 4 अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। एसीपी ने बताया कि टैंकर चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।