नई दिल्ली, 23 अप्रैल । महिलाओं के लिए पीरियड्स का समय अक्सर थोड़ा मुश्किल होता है। इस दौरान पेट में दर्द, ऐंठन, कमर में भारीपन और कभी-कभी बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि रोज का काम करना भी मुश्किल हो जाता है। कुछ महिलाएं इसके लिए दवाइयों का सहारा लेती हैं, लेकिन हर बार दवा लेना सही नहीं माना जाता। ऐसे में योग और कुछ आसान हस्त मुद्राएं शरीर को प्राकृतिक तरीके से आराम देने में मदद कर सकती हैं। इन्हीं में से एक है अपान वायु मुद्रा, जो शरीर के अंदर की ऊर्जा को संतुलित करने का काम करती है।
पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और खिंचाव होने लगता है। अपान वायु मुद्रा इसी दर्द में राहत पहुंचाने में मदद करती है। जब हाथों की उंगलियों को एक खास तरीके से जोड़ा जाता है और कुछ देर आंखें बंद कर शांत बैठकर इसे किया जाता है, तो शरीर में खून का बहाव बेहतर होता है और मांसपेशियों का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसी वजह से पेट का दर्द और ऐंठन कुछ हद तक कम महसूस हो सकती है।
इस मुद्रा को करना भी बहुत आसान है। अपान वायु मुद्रा का अभ्यास करने के लिए, सबसे पहले सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपने हाथों को सीधा करके घुटनों पर रखें। इस दौरान आपकी हथेलियां आसमान की ओर होनी चाहिए। इसके बाद अपने हाथों की तर्जनी उंगली को मोड़ते हुए अंगूठे की जड़ से सटाएं और फिर अनामिका और मध्यमा उंगली को मोड़कर अंगूठे की नोक को दबाएं। इस दौरान छोटी उंगली बाहर की ओर फैली हुई और दोनों आंखें बंद रखें। कुछ देर बाद वापस आरामदायक मुद्रा में आ जाएं।
मासिक धर्म के दौरान यह मुद्रा मानसिक परेशानी को दूर करने में भी मदद कर सकती है। इस समय कई महिलाओं को चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव महसूस होता है। अपान वायु मुद्रा मन को शांत करने में मदद करती है, जिससे मूड थोड़ा बेहतर हो सकता है।
इसके अलावा, यह मुद्रा पेट से जुड़ी अन्य परेशानियों जैसे गैस, भारीपन और पाचन की दिक्कतों में भी राहत देती है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने से ऊर्जा का स्तर भी संतुलित रहता है।
हालांकि, इसका अभ्यास करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसे तुरंत खाना खाने के बाद नहीं करना चाहिए और शुरुआत में बहुत ज्यादा देर तक नहीं करना चाहिए। अगर शरीर में कोई दर्द या समस्या हो तो बिना डॉक्टर के सलाह के इसे न करें।

