मैड्रिड। स्पेन ने घोषणा की है कि वह इटली से आने वाले यात्रियों के लिए आंतरिक सीमा जांच को अस्थायी रूप से फिर से लागू करेगा। इससे पहले इटली ने स्पेन से आने वाले यात्रियों पर सीमा नियंत्रण हटाने से इनकार कर दिया। इटली ने हालात को देखते हुए कम से कम 15 अगस्त तक अपने फैसले को ना बदलने का ऐलान किया।यह विवाद स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउता में हाल ही में हुई प्रवासी संकट के बीच सामने आया है। स्पेन सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर यह अस्थायी जांच शनिवार से शुरू होगी और 7 सितंबर तक लागू रहेगी, जब तक कि स्थिति में कोई बदलाव न हो।
इन उपायों में पहचान पत्र और दस्तावेजों की रैंडम जांच शामिल होगी। स्पेन सरकार ने कहा कि इटली ने 1 अगस्त को बिना किसी पूर्व सूचना के स्पेन से आने वाले यात्रियों पर एकतरफा तौर पर सीमा जांच फिर से शुरू कर दी थी। सरकार ने इन उपायों को अनुचित, भेदभावपूर्ण और यूरोपीय संघ (ईयू) के हितों के खिलाफ बताया।
स्पेन ने इटली से इन उपायों को तुरंत वापस लेने को कहा है।
वहीं, शुक्रवार को इटली की सरकार ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन की चिंताओं का हवाला देते हुए, कम से कम 15 अगस्त तक स्पेन से आने वाले तीसरे देश के नागरिकों पर अस्थायी चेकिंग जारी रखेगी।
रोम ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन से जुड़े मामलों पर अल्टीमेटम या बाहरी दबाव स्वीकार नहीं करता है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इस बात पर भी जोर दिया गया कि ये नियंत्रण हवाई या समुद्री रास्ते से यात्रा करने वाले स्पैनिश या दूसरे ईयू नागरिकों पर लागू नहीं होते हैं। साथ ही, इटली के बॉर्डर अधिकारी सही तरीके से सीमा पार यात्रा में रुकावट को कम से कम करने की कोशिश करेंगे।
इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 31 जुलाई को सेउटा में प्रवासियों के बड़े पैमाने पर आने के बाद सीमा नियंत्रण उपायों की घोषणा की। जुलाई के आखिर में लगभग 80,000 लोग स्पैनिश इलाके में आए, जिनमें से लगभग 75,000 बाद में अपनी मर्जी से वापस लौट गए।
सेउटा के प्रेसिडेंट जुआन जीसस विवास ने गुरुवार को कहा कि 3,000 से 5,000 प्रवासी अभी भी एन्क्लेव में हैं, जिससे रिसेप्शन की जगहें भर गई हैं और गंभीर मानवीय आपातकाल की स्थिति बन गई है।
इस भीड़ ने ईयू के सदस्य देशों के बीच सीमा नियंत्रण और शेंगेन एरिया में प्रवासियों के आगे बढ़ने की संभावना को लेकर तनाव बढ़ा दिया है।




